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मुंबई की भेलपुरी खानी हो तो दिल्ली के ‘बॉम्बे भेल हाउस’ पहुंचें, साथ में मिलेगी गुजरात की नमकीन

(डॉ. रामेश्वर दयाल)

मुंबई (बॉम्बे) की भेलपुरी तो पूरे देश और दुनिया में मशहूर है. यह डिश खाने में तो लाजवाब होती ही है, साथ ही पेट को भी हलका रखती है. आज हम आपको ऐसी दुकान पर लिए चलते हैं, जहां पर मुंबई की भेलपुरी और सेवपुरी का आपको ऑरिजनल स्वाद मिलेगा. अब तो इनकी दुकान की गोलगप्पा चाट भी जलवे लुटा रही है. इस दुकान की खासियत यह भी है कि वहां आपको करीब 250 किस्म के नमकीन व देसी बिस्कुट भी मिलेंगे. तो उस दुकान पर जाइए, भेलपुरी खाइए और फैमिली के लिए भी पैक कर घर ले जाइए.

जानें भेलपुरी में है क्या-क्या

बहुत पुरानी है यह दुकान, जहां हम आपको लिए चल रहे हैं. गुजरात से एक सज्जन दिल्ली आए और उन्होंने भेलपुरी, सेवपुरी व गुजराती नमकीन का स्वाद दिल्ली वालों को चखवाना शुरू किया कि लोग आज भी उसके मुरीद हैं. पहले भेलपुरी की बात कर लें. कमला नगर डी ब्लॉक की ‘बॉम्बे भेल हाउस’ नामक इस दुकान पर 50 रुपये में भेलपुरी पेश की जाती है. इसमें मुरमुरे, नमकीन सैंवियां, मूंगफली चिड़वा, पापड़ी, उबला आलू, कटी प्याज, हरा कटा धनिया, कच्चा आम, तीन तरह की चटनी खट्टी, मीठी और लहसुन वाली के अलावा स्पेशल मसाला डाला जाता है. तो बताइए, इसको देखकर क्यों न मुंह में पानी आए और भूख क्यों न बढ़ जाए? अगर ज्यादा चटपटी भेलपुरी खाने का मन है तो थोड़ा मसाला व खट्टी चटनी और डलवा लें, आनंद सा आने लगेगा. ये खट्टी मीठी डिश लोगों की जुबान को ललचाती है, क्योंकि इसमें वही आइटम होते हैं जो मुंबई शहर में मिलने वाली भेलपुरी में डाले जाते हैं.

नमकीन के इतने फ्लैवर्ड कि आंखें चुंधिया जाएं

इस तरह वहां सेवुपरी की प्लेट भी खाई जा सकती है. उसका रेट 60 रुपये किलो है. खास बात यह है कि भेलपुरी व सेवपुरी का 80 रुपये प्रत्येक का पैकेट भी उपलब्ध है. इसमें सब कुछ मौजूद है. एक पैकेट में तीन लोग खाकर संतुष्ट हो सकते हैं. ये दोनों डिश तो इस दुकान की विशेषता है ही साथ ही वहां बिकने वाले नमकीन भी आपका मन मोह लेंगे. यहां करीब 250 किस्म के नमकीन व देसी बिस्कुट आपको मिलेंगे. दुकानदार का दावा है कि दिल्ली की किसी भी दुकान पर इतनी वैरायटी का यह सामान नहीं मिलेगा. अधिकतर नमकीन गुजराती फ्लैवर्ड लिए हुए हैं. इन्हें देखकर आंखें चुंधिया सकती हैं. आजकल इस दुकान की गोलगप्पा चाट भी नाम कमा रही है. यह चाट भी खास है. 50 रुपये में पांच गोलगप्पों में नमकीन, चटनी, आलू प्याज भरा जाता है और ग्राहक को सौंप दिया जाता है. आटे या मैदे की इस सूखी गोलगप्पा चाट को लोग चटखारे लेकर खाते हैं.

गुजरात से आए ठक्कर साहब ने दुकान खोली

इस दुकान को खोलने वाले गुजरात के निवासी हैं. वर्ष 1975 में द्वारका दास ठक्कर (बाबू भाई) ने इस दुकान को शुरू किया. शुरू में उन्होंने भेलपुरी व ढोकला बेचा. लोगों ने उस वक्त खासी हैरानी से इस डिश को अंगीकार किया. दुकान की जिम्मेदारी बाद में उनके बेटे राजेश ठक्कर ने संभाली. आज वह अपने बेटे सागर ठक्कर के साथ इस दुकान को चला रहे हैं. उनका कहना है कि दादाजी ने पुराने वक्त में ही नमकीन की वैरायटी बढ़ानी शुरू कर दी थी और हम आज भी इसकी वैरायटी बढ़ा रहे हैं. वे साल छह महीने में गुजरात व मुंबई का दौरा करते हैं और वहां से टिप्स लेकर आते हैं, फिर उसे दुकान पर लागू करते हैं. दुकान सुबह 9 बजे शुरू हो जाती है और रात 10 बजे तक खुली रहती है.


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